आज मीडिया में भरोसे के संकट का दौर*

🇮🇳🌹🌷🙏🏻✍🏻👍🏻🙏🚩 *आज मीडिया में भरोसे के संकट का दौर*
       *भ्रष्ट एवं मक्कार 20 सालों से एक ही विभाग में दखल देते आने वाले कर्मचारियों ने सरासर दबाव में आकर छुट्टी रोबोट एमपी नगर थाने के अंदर लेटा कर 1 घंटे पहले रिपोर्ट करने वाले कर्मचारियों को मदद करते हुए पत्रकारों को साथ नहीं दिया कम से कम सच्चाई पर तो निराधार होना चाहिए था उसके रास्ता भटक गए हैं हमारे 20 लाख जनता के बीच में एक अच्छे पेपर के नाम से जाने जाने वाले अखबार के पत्रकारों ने पत्रकारों को साधना देते हुए सच्चाई को साधना देते हुए बिगर जांच-पड़ताल के पेपर में एक्साइटिड खबर न्यूज़ में भी इतनी गड़बड़ियां नहीं होती है फिर भी मनमाने तरीके से भ्रष्टाचारी कर रहे कर्मचारियों यह सबसे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण मीडिया की खबर को लोगों ने बहुत ही शर्मनाक हराया दूर-दूर तक चाहे का पता नहीं चला और एक पत्रकार को भी भीड़ के अंदर दफ्तर के बाहर मारपीट की पत्रकार के साथ उसका वीडियो वायरल हुआ है*
            *ना तो उस पर वाले ने कभी उस करती है ऐसे मीडिया हाउस का बहिष्कार करते हैं पत्रकारिता में ईमानदार होना चाहिए ध्यान रखना चाहिए क्षेत्रीय परिवहन में प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे भ्रष्टाचारी कर्मचारियों से समाज आज बहुत ज्यादा दुखी है यह किसी से छुपा नहीं है समाज को धोखा देने वाला अत्याचारी कह जाता है यह अत्याचार उन्होंने किया है और संविधान को ताकतवर दिया है यह हमारा देश गांधी जी एवं डॉ भीमराव अंबेडकर का देश है यहां पर कुछ चंद मीडिया कर्मी अपने बाल बच्चों को पालने के लिए धंधा करने लगे हैं और पत्रकारों का साथ नहीं दे रहे हैं जो अपने आप को भोपाल के एवं प्रदेश व देश के कच्छे पेपर की बात करते हैं शर्म नहीं आई कि हमें सच्चाई एवं जांच सर दोनों पार्टियों के बयान देकर समाज के सामने रखना था मगर उन्हें अपने ही मीडिया हाउस को बदनाम करने के लिए इस प्रकार की खबर चलाई है जिससे आज हमारा मीडिया जगत बदनाम हुआ है ऐसे दोषियों पर शक्ति से ईमानदारी के साथ में पारदर्शिता के साथ में कारवाई ना करते हुए 1 घंटे बाद रिपोर्ट लिखी गई है*
           *फरियादी की प्रदेश का जनसत्ता दिल्ली पेपर के मालिक के साथ में दुर्भाग्यपूर्ण घटना पत्रकारों के लिए बहुत बड़ी शर्म की बात पत्रकार किसी धर्म और जात का नहीं होता है आज कुछ पत्रकारों ने धर्म जात पर बैठ चुके हैं पत्रकारिता को लालचंद लगाया जाता है कि ज्यादातर एक वर्ग है क्राइम की खबरों में ज्यादा इंवॉल्वमेंट है इस प्रकार की विचारधारा रखकर कार्य कर रहे हैं लोगों से भी हमें सावधान रहने की बहुत बड़ी भारी आवश्यकता है समय की आज मांग है कि सच्चाई और ईमानदारी के साथ हमें काम करना चाहिए भ्रष्टाचारी पर लगाम लगाने के लिए हमें निष्पक्षता सच्चाई का साथ देना चाहिए इस खबर को महामहिम राष्ट्रपति महोदय से हम बिनती करेंगे गौर लगाएंगे की सुप्रीम कोर्ट में दखल दे और उसके निष्पक्ष जांच और दोषियों के प्रति सख्त जल्द कार्रवाई को फरियादी को न्याय मिले जो 20 साल से धोखा दे रही संस्था में बैठे राजधानी के अंदर महिला हो पुरुष हो सरकारी संस्था में बैठकर खोलकर अन्याय कर रहे हैं ऐसे दोषियों पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए जो पूरी तरह से समाज को धोखा दे रहे हैं श्री परिवहन कार्यालय के अंदर किसी भी काम के लिए जाते हैं ना तो समय पर कार्य किए जा रहा है ना सही एडवाइज दी जाती है ना समय पर काम किया जाता है*
               *कुल मिलाकर बाबू लोगों ने अपने रिश्तेदार व प्राइवेट काम करने वाले को अपने पास बिठा रखे हैं और न जाए चौथ वसूली कर रहे हैं समस्याओं से भोपाल की जनता लगभग पूरी तरह से शोषित हो रही है ना तो बेचारे दलाल लोगों को कुछ मिलता है बस दलालों को बदनामी हाथ लग रही है मेन कमाई यहां पर बैठे भ्रष्टाचारी कर्मचारी लोक लपक कर कमा रहे हैं आज हमारा मिडिया संघ ईमानदारी के साथ स्थित जाट करवाना चाह रहा है मगर न तो शासन मदद कर रहा है ना प्रशासन मदद कर रहा है भ्रष्टाचारी को ज्यादा बढ़ावा दिया जा रहा है कि विभाग को जानबूझकर बदनाम करने के लिए भ्रष्टाचारियों को पीछे से मदद कर रहे हैं ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई होना चाहिए दलालों के नाम पर बाबू एवं अधिकारी लोग एक मोटी रकम रहे हैं यह राजधानी भोपाल मध्य प्रदेश के आलम को हमें शक्ति से एक होकर निपटना होगा और पत्रकारों का साथ देना होगा आज हर जगह पर पत्रकारों पर उंगली उठने लगी है कुछ एजेंट टाइप के पत्रकार लोग चुपके से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचारियों को मदद कर रहे हैं अपने निजी स्वार्थ के लिए हमें ध्यान देने की बड़ी भारी आवश्यकता है बड़ी संख्या में लोग बड़े मीडिया हाउस में समय दे रहे हैं कुछ लोग नौकरी कर रहे हैं कुछ लोग दलाली कर रहे हैं जिससे ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को बड़ी भारी असुविधा हो रही है साथ-साथ शहरी क्षेत्र के पत्रकार भी बड़ी संख्या में शोषित हो रहे हैं हमें निष्पक्षता के साथ जांच करवाते हुए हमारे पत्रकारों का साथ देने की आवश्यकता है जान माल का खतरा बना हुआ है*
                *आज पत्रकारिता कर रहे हैं हो रहे हैं भ्रष्टाचारी लोग मनमानी कर रहे हैं दिन के 12:30 बजे दफ्तर के बाहर लड़ाई झगड़ा करते झूठी रिपोर्ट लिखवा कर बिगर जांच करें झूठे आरोप लगा दिया जा रहा है कि महिलाओं के साथ बदतमीजी की जा रही है और दफ्तर के डाक्यूमेंट्स जरूरी कागज फाड़े जा रहे हैं ना तो डॉक्यूमेंट हाड़े हैं ना तो दफ्तर के अंदर गए हैं ना ही किसी के साथ बदतमीजी की किसी महिला के साथ में की हो तो उसकी जांच फिर क्यों नहीं करवाई और क्यों आपने गवाही नहीं दी कितना झूठ बोलोगे इसकी सच्चाई तो होना चाहिए इसके सच्चाई का पर्दाफाश होना चाहिए कि क्या झूठी खबर पेपर में छुपाया है कैसे छापा है इसमें किसका हाथ है उसकी उच्च स्तर पर जांच होनी चाहिए ईमानदार अधिकारियों से एक दिन हमारा भोपाल नहीं प्रदेश सरकार पर भी उंगली उठ सकती है वह दिन दूर नहीं है कि देश की सरकार पर भी उंगली उठे इसलिए हमें ईमानदारी के साथ ईमानदार अधिकारी कर्मचारी पत्रकारों के साथ हो रहे अत्याचारों पर रोक लगनी चाहिए एमपी प्रेस क्लब यूट्यूब कोर्ट की घोर निंदा करते हुए दैनिक प्रदेश सत्ता के प्रधान संपादक के साथ में हम सब लोग खड़े हैं और एमपी प्रेस क्लब इस लड़ाई को पूरी ईमानदारी के साथ में लड़ना चाहता है और दोषियों के प्रति सख्ती से कार्रवाई करवाने की मांग करता है*